मरीच / काली मिर्च / Maricha / Kali Mirch

Piper nigrum

श्लोक

मरीचस्य नामानि गुणाश्च।

Rasa
Katu
Guna
Laghu, Tikshna
Virya
Ushna
Vipaka
Katu
Dosha
Kapha-Vata reducing

Classical Uses

भवप्रकाश निघण्टु में इस द्रव्य का विस्तृत वर्णन नाम, गुण, रस, वीर्य, विपाक, दोषप्रभाव और पारंपरिक उपयोगों सहित मिलता है। यह प्रविष्टि प्रारम्भिक रूप से तैयार की गयी है और आगे मूल ग्रंथ-पाठानुसार क्रमशः परिष्कृत की जाएगी। पारंपरिक उपयोग: अग्नि-दीपन, पाचन-सहायता, दोष-संतुलन और रोगानुसार योगों में प्रयोग।

Summary

भवप्रकाश निघण्टु में इस द्रव्य का विस्तृत वर्णन नाम, गुण, रस, वीर्य, विपाक, दोषप्रभाव और पारंपरिक उपयोगों सहित मिलता है। यह प्रविष्टि प्रारम्भिक रूप से तैयार की गयी है और आगे मूल ग्रंथ-पाठानुसार क्रमशः परिष्कृत की जाएगी। सरल सार: यह द्रव्य दैनिक आयुर्वेदिक संदर्भ में व्यापक रूप से उपयोगी माना जाता है।

Source: Bhavaprakasha Nighantu Vol. 1 (Archive OCR extract)

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